30/10/2009

जयपुर अग्नि कांड.........


राजधानी जयपुर के सीतापुर इंडियन आयल में लगी आग थमने का नाम नही ले रहे है। २५ घंटे से लगी आग अभी तक बूझी नही। ६५ हज़ार करोड़ का आयल अ़ब तक जल चुका है। कल पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवदा ने वहा जायजा लिया। लेकिन तब भी आग पर कबी नही पाया गया था। ७०हज़ार आबादी वाले इस इलाके में आग पर पुरी तरह से काबू नही पाया गया ..........

29/10/2009

(नक्सलवाद ) सबसे बड़ी समस्या ..........


देश में बढ़ रहे नक्सलवाद की समस्या आज हमारे लिए सबसे बड़ा खतरा बनते जा रही है ... २८ ओक्ट २००९ को हाल ही में पश्चिमी बंगाल के झाड़ग्राम के समीप मादिनपुर स्टेशन के पास करेब १००० हजार नक्सलियो ने देश सबसे तेज दोड़ने वाली गाड़ी राजधानी एक्सप्रेस को इन नक्सलियो ने अगवा कर लिया। इस से पहले भी नक्सली तीन बार गाडियो को अगवा कर चुके है । अगर ये लोग इसी तरह की घटना को अंजाम देते रहे तो निश्चित ही यह समस्या नासूर बन जायेगी...... सरकार को इस दिशा में बातचीत का भी ध्यान रखना चाहते है... केवल कार्यवाही ही एक मात्र विकल्प नही है... असल में बड़ा सवाल यह है आज नक्सली कौन है? उसकी क्या पहचान है? वह एक आम आदमी है जो समाज की मुख्या धरा से वंचित है... आज नक्सली इलाकों में विकास जैसे बुनियादी समस्यायें हाल नही हुई है... उनके पास रोजी रोटी नही है ॥ सरकारको सोचना चाहिए की इस दिशा में कारगर पहल करे ...... आख़िर यह लोग भी हम लोगो के बीच है..... इनके साथ सही सलूक किया जाता तो यह समस्या पहले ही हल हो जाती..............................

28/10/2009

भाजपा में फिर से बवाल.........


लंबे समय से थमी खामोशी....... लगता है अब थम चुकी है....... भाजपा में फिर से बवाल शुरू हो गया है....आर अस अस प्रमुख मोहन भागवत ने बीजेपी को कोमो थेरेपी की जरुरत बताकर बीजेपी को फिर से चौक्कान्ना कर दिया है ... राजधानी जयपुर में भागवत ने बीजेपी को मेडीसिन सर्जरी या कोमो थेरिपी की जरुरत बताया लेकिन भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने उनकी बात को खारिज करते हुए कहा अब किसका दिमाग ख़राब हो गया है॥ भाजपा के नेतृत्वपरिवर्तन को लेकर संघ के बीच रस्सकश्ही चल रही थी लेकिन भागवत के इस ब्यान से फिर से कड़वाहट पैदा कर दी... नई दिल्ली में पार्टी के केन्द्रीय व्यापारी प्रकोष्ट द्वार संसद भवन में आयोजित धरना प्रदर्शन को संबोधित करने के बाद भागवत के इस सुझाव के बाद पुछा तो राजनाथ ने कहा यह किसी और का नही तो किसी पागल का काम ही हो सकता है ... आख़िर कब तक भाजपा में यह घमासान चलता रहेगा?


ललित कुचालिया......

07/10/2009

लिखना जारी रहेगा.........

लंबे समय से व्यस्तताओ के चलते ब्लॉग पर नियमित लेखन नही कर पा रहा था... अब आज से यह मेरा लेखन जारी हो रहा है ... आशा है आपका अपेक्षित सहयोग मुझको मिलता रहेगा................
आपका ललित..........